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चरà¥à¤¬à¥€ की गांठकम करने के लिठघरेलू उपाय
लिपोमा का इलाज करवाने के लिठलोग पानी की तरह पैसा बहाते हैं, जबकि इसे कà¥à¤› आसान नà¥à¤¸à¥à¤–ों से ठीक किया जा सकता है। यहां हम चरà¥à¤¬à¥€ के गांठका इलाज घरेलू तरीके से करने के बारे में बताà¤à¤‚गे, जो इस पà¥à¤°à¤•ार हैं :
1. नींबू पानी
सामगà¥à¤°à¥€:
नींबू का रस
पानी
रूई
इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤²:
नींबू के रस और पानी को बराबर मातà¥à¤°à¤¾ में मिलाà¤à¤‚।
इस रस में रूई को à¤à¥€à¤—ोकर गांठपर लगाà¤à¤‚।
फिर इसे सूखने दें।
आप रोज सà¥à¤¬à¤¹ à¤à¤• गिलास गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी में नींबू का रस मिलाकर पी à¤à¥€ सकते हैं।
कितनी बार करें:
दिन में 3 से 4 बार उपयोग करें।
कैसे है फायदेमंद:
गांठहोने और इसे बà¥à¤¾à¤µà¤¾ देने के लिठशरीर की सूजन जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° हो सकती है। वहीं, नींबू में à¤à¤‚टी इंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ गà¥à¤£ पाठजाते हैं जो सूजन को कम करने में मदद कर सकते हैं। इससे चरà¥à¤¬à¥€ की गांठको दूर किया जा सकता है। इसलिà¤, à¤à¤¸à¤¾ कहा जा सकता है कि नींबू के उपयोग से सूजन को कम कर चरà¥à¤¬à¥€ की गांठकी समसà¥à¤¯à¤¾ से छà¥à¤Ÿà¤•ारा पाया जा सकता है ।
2. सेब का सिरका
सामगà¥à¤°à¥€:
सेब का सिरका
पानी
सूती कपड़ा
कैसे करें इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤²:
à¤à¤ªà¥à¤ªà¤² साइडर विनेगर और पानी को समान मातà¥à¤°à¤¾ में मिलाà¤à¤‚।
इस मिशà¥à¤°à¤£ में सूती के कपड़े को à¤à¤¿à¤—ोकर पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° पर 5 मिनट तक रखें।
कपड़े को हटाने के बाद उस जगह को गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी से धो लें।
कितनी बार करें:
à¤à¤¸à¤¾ दिन में दो से तीन बार करें।
कैसे है फायदेमंद:
लिपोमा का इलाज सेब के सिरके से à¤à¥€ किया जा सकता है। दरअसल, सेब के सिरके का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने से शरीर को डिटॉकà¥à¤¸à¥€à¤«à¤¾à¤ˆ किया जा सकता है। साथ ही इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® बेहतर होता है और रकà¥à¤¤ संचार à¤à¥€ ठीक हो सकता है। इससे गांठसे राहत मिल सकती है । यहां हम सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ कर दें कि इस विषय में सेब के सिरके पर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ नहीं हà¥à¤† है।
3. हलà¥à¤¦à¥€
सामगà¥à¤°à¥€:
à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š हलà¥à¤¦à¥€ पाउडर
पानी आवशà¥à¤¯à¤•तानà¥à¤¸à¤¾à¤°
कैसे करें इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤²:
हलà¥à¤¦à¥€ पाउडर में पानी मिलाकर पेसà¥à¤Ÿ बना लें।
इसे पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ जगह पर लगा लें।
करीब 10-15 मिनट तक सूखने दें।
फिर पानी से धो लें।
आप दूध को हलà¥à¤•ा गरà¥à¤® करके उसमें हलà¥à¤¦à¥€ पाउडर मिलाकर à¤à¥€ पी सकते हैं।
कितनी बार करें:
इसे दिन में दो बार उपयोग कर सकते हैं। साथ ही दिन में 1 गिलास दूध में हलà¥à¤¦à¥€ मिलाकर à¤à¥€ पी सकते हैं।
कैसे है फायदेमंद:
चरà¥à¤¬à¥€ के गांठका इलाज हलà¥à¤¦à¥€ से à¤à¥€ किया जा सकता है। हलà¥à¤¦à¥€ में कई तरह के औषधि गà¥à¤£ होते हैं। इनमें से à¤à¤‚टीसेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤•, à¤à¤‚टीइंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ और à¤à¤‚टीमाइकà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¿à¤¯à¤² मà¥à¤–à¥à¤¯ होते हैं। ये गà¥à¤£ सूजन को कम करने और बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को दूर करने का काम करते हैं। इससे गांठकी समसà¥à¤¯à¤¾ से छà¥à¤Ÿà¤•ारा मिल सकता है।
4. तरबूज
सामगà¥à¤°à¥€:
à¤à¤• गिलास तरबूज का रस
कैसे करें इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤²:
तरबूज के ताजा रस का सेवन करें।
कितनी बार करें:
इसे पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ सà¥à¤¬à¤¹ à¤à¤• गिलास पिà¤à¤‚।
कैसे है फायदेमंद:
गांठको दूर करने के कई घरेलू उपचार हैं। उनमें से à¤à¤• तरबूज को à¤à¥€ माना जा सकता है। तरबूज में à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट गà¥à¤£ होते हैं, जो रकà¥à¤¤ से विषैले पदारà¥à¤¥ को साफ करने में मददगार साबित हो सकते हैं। इससे गांठको कम किया जा सकता है ।
5. लहसà¥à¤¨
सामगà¥à¤°à¥€:
दो-तीन लहसà¥à¤¨ की कलियां
à¤à¤• गिलास गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ पानी
कैसे करें इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤²:
लहसà¥à¤¨ को बारीक कà¥à¤šà¤² लें।
सà¥à¤¬à¤¹ इसे à¤à¤• गिलास पानी में डालकर पी लें।
लहसà¥à¤¨ को अपने आहार में à¤à¥€ शामिल कर सकते हैं।
कितनी बार करें:
पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ सà¥à¤¬à¤¹ इसका सेवन करें ।
कैसे है फायदेमंद:
लहसà¥à¤¨ हर किसी के घर में आसानी से मिल जाता है। इसे चरà¥à¤¬à¥€ की गांठका इलाज करने में उपयोग किया जा सकता है। लहसà¥à¤¨ में à¤à¤‚टीमाइकà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¿à¤¯à¤², à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट, à¤à¤‚टीबैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² और à¤à¤‚टीफंगल गà¥à¤£ पाठजाते हैं। लहसà¥à¤¨ के ये सà¤à¥€ गà¥à¤£ चरà¥à¤¬à¥€ की गांठको कम करने के साथ-साथ बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ से बचाठरखने में à¤à¥€ मदद करते हैं ।
6. जायफल
सामगà¥à¤°à¥€:
आधा चमà¥à¤®à¤š जायफल पाउडर
à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š शहद
à¤à¤• कप पानी
कैसे करें इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤²:
पानी को हलà¥à¤•ा गरà¥à¤® कर लें और फिर उसमें शहद व जायफल पाउडर मिकà¥à¤¸ कर दें।
फिर इस मिशà¥à¤°à¤£ को गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¤¾ ही पिà¤à¤‚।
कितनी बार करें:
दिन में à¤à¤• बार इसका सेवन करें।
कैसे है फायदेमंद:
à¤à¤• वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• शोध के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, à¤à¤‚टी इंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ और à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट गà¥à¤£ चरà¥à¤¬à¥€ की गांठको कम करने में सहायक हो सकते हैं। à¤à¤‚टी इंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ गà¥à¤£ सूजन को कम करने का काम कर सकता है और à¤à¤‚टी-ऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट रकà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ को ठीक रखने में मदद कर सकता है । इससे गांठकी समसà¥à¤¯à¤¾ को ठीक करने में मदद मिल सकती है। जायफल में à¤à¤‚टीइंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ और à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट दोनों गà¥à¤£ पाठजाते हैं। इसलिà¤, इसे गांठके घरेलू उपचार के रूप में उपयोग में लाया जा सकता है ।
7. गरà¥à¤® पानी
सामगà¥à¤°à¥€:
पानी
तौलिया
कैसे करें इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤²:
गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी में तौलिये को à¤à¤¿à¤—ो लें।
इसे पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ जगह पर 10 से 15 मिनट तक रखें।
कितनी बार करें:
दिन में दो से तीन बार तक इस उपाय को करें।
कैसे है फायदेमंद:
लिपोमा का घरेलू इलाज के लिठगरà¥à¤® पानी से सिकाई का à¤à¥€ सहारा लिया जा सकता है। गरà¥à¤® पानी से सिकाई करने पर सूजन को कम किया जा सकता है। इससे गांठकी समसà¥à¤¯à¤¾ से निजात पाई जा सकती है ।
8. मालिश
सामगà¥à¤°à¥€:
नारियल का तेल
कैसे करें इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤²:
नारियल के तेल की कà¥à¤› बूंदें हाथों पर लेकर गांठवाली जगह पर कà¥à¤› मिनट तक मालिश करें।
कितनी बार करें:
आप दिन में दो बार मालिश कर सकते हैं।
कैसे है फायदेमंद:
मालिश के जरिठà¤à¥€ लिपोमा का इलाज किया जा सकता है। मसाज करने से रकà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ में वृदà¥à¤§à¤¿ हो सकती है, जिससे चरà¥à¤¬à¥€ की गांठसे निजात मिल सकती है । साथ ही नारियल तेल में à¤à¤‚टी इंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ गà¥à¤£ à¤à¥€ पाठजाते हैं, जो सूजन को कम करने में मददगार साबित हो सकते हैं ।
9. विटामिन-ई
विटामिन-ई कैपà¥à¤¸à¥‚ल
कैसे करें इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤²:
विटामिन-ई कैपà¥à¤¸à¥‚ल को पानी के साथ सेवन करें।
कितनी बार करें:
पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ à¤à¤• कैपà¥à¤¸à¥‚ल लें।
कैसे है फायदेमंद:
विटामिन-ई महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ पोषक ततà¥à¤µ है, जो शरीर के लिठजरूरी होता है। विटामिन-ई का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने पर शरीर की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ को बेहतर करने में सहायता मिलती है। यह शरीर को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चाने वाले बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ और वायरस को दूर रखता है। इससे गांठकी समसà¥à¤¯à¤¾ को à¤à¥€ दूर रखा जा सकता है और सूजन को कम करने में à¤à¥€ मदद मिलती है। इसलिà¤, à¤à¤¸à¤¾ कहा जा सकता है कि विटामिन-ई के उपयोग से चरà¥à¤¬à¥€ की गांठको दूर किया जा सकता है
10. विटामिन-à¤
सामगà¥à¤°à¥€:
विटामिन-ठकैपà¥à¤¸à¥‚ल
कैसे करें इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤²:
पानी के साथ विटामिन-ठकैपà¥à¤¸à¥‚ल का सेवन किया जा सकता है।
कितनी बार करें:
पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ à¤à¤• कैपà¥à¤¸à¥‚ल लें।
कैसे है फायदेमंद:
शरीर में विटामिन-ठकी कमी से पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ कमजोर हो सकती है, जिससे अनà¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ होने के साथ-साथ चरà¥à¤¬à¥€ की गांठजैसी समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ हो सकती है। वहीं, विटामिन-ठका सेवन करने से शरीर की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ बेहतर हो सकती ह।इसलिà¤, कह सकते है कि चरà¥à¤¬à¥€ की गांठकी रोकथाम के लिठविटामिन-ठअहम à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾ सकता है।
11. पà¥à¤¯à¤¾à¤œ
सामगà¥à¤°à¥€:
à¤à¤• या दो पà¥à¤¯à¤¾à¤œ
कैसे करें इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤²:
पà¥à¤¯à¤¾à¤œ का रस निकालकर उसे पी लें।
आप अपने आहार में à¤à¥€ पà¥à¤¯à¤¾à¤œ को शामिल कर सकते हैं।
कितनी बार करें: दिन में à¤à¤• गिलास ताजा पà¥à¤¯à¤¾à¤œ का जूस पी सकते हैं।
कैसे है फायदेमंद:
गांठका मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण सूजन हो सकता है। पà¥à¤¯à¤¾à¤œ में फà¥à¤²à¥‡à¤µà¥‹à¤¨à¥‹à¤‡à¤¡à¥à¤¸ (फाइटोकेमिकलà¥à¤¸ के समूह) पाठजाते हैं, जो मोटापे को कम करने का काम कर सकते हैं, ताकि चरà¥à¤¬à¥€ की गांठसे निजात मिल सके । इसलिà¤, चरà¥à¤¬à¥€ की गांठके इलाज में पà¥à¤¯à¤¾à¤œ को उपयोगी माना जा सकता है।
12. चारकोल कंपà¥à¤°à¥‡à¤¸
सामगà¥à¤°à¥€:
à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š चारकोल पाउडर
आधा चमà¥à¤®à¤š अलसी पाउडर
पानी
मोटा पेपर
कैसे करें इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤²:
चारकोल और अलसी पाउडर को मिला लें और पेसà¥à¤Ÿ बनाने के लिठउसमें आवशà¥à¤¯à¤•तानà¥à¤¸à¤¾à¤° पानी डालकर मिकà¥à¤¸ करें।
इस पेसà¥à¤Ÿ को पेपर पर रखें और पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ जगह पर लगाà¤à¤‚।
फिर 10-15 मिनट के लिठछोड़ दें।
उसके बाद पानी से धो लें।
कितनी बार करें:
आप इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को दिन में 2 से 3 बार दोहराà¤à¤‚, जब तक कि चरà¥à¤¬à¥€ की गांठठीक न हो जाà¤à¥¤
कैसे है फायदेमंदचरà¥à¤¬à¥€ की गांठसे निजात पाने के लिठचारकोल का उपयोग किया जा सकता है। à¤à¤¸à¤¾ माना जाता है कि इसके उपयोग से सूजन और दरà¥à¤¦ को कम किया जा सकता है। इससे चरà¥à¤¬à¥€ कि गांठको कम किया जा सकता है। फिलहाल, इस बात की पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ के लिठकोई वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ नहीं है। इसलिà¤, आप इस घरेलू उपचार को डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह पर ही करें।
13. कंटà¥à¤°à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿ बाथ
सामगà¥à¤°à¥€:
गरम पानी
ठंडा पानी
कैसे करें इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤²:
गांठवाले हिसà¥à¤¸à¥‡ को तीन से चार मिनट के लिठगरà¥à¤® पानी में डà¥à¤¬à¥‹à¤à¤‚।
फिर कà¥à¤› देर बाद उस हिसà¥à¤¸à¥‡ को दो मिनट के लिठठंडे पानी में डà¥à¤¬à¥‹à¤à¤‚।
इसे चार से पांच बार दोहराà¤à¤‚।
कितनी बार करें:
दिन में दो बार इस थेरेपी को करें।
कैसे है फायदेमंद:कंटà¥à¤°à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿ बाथ थेरेपी के जरिठगांठके लिठगरà¥à¤® और ठंडे पानी के उपचार का उपयोग किया जा सकता है। ठंडा पानी दरà¥à¤¦ को कम करने में मदद कर सकता है, जबकि गरà¥à¤® पानी रकà¥à¤¤ संचार को बेहतर करने में मदद कर सकता है। जिससे सूजन को कम कर चरà¥à¤¬à¥€ की गांठका उपचार किया जा सकता है ।
लेख के अगले à¤à¤¾à¤— में चरà¥à¤¬à¥€ की गांठको कम करने के लिठकà¥à¤› अनà¥à¤¯ टिपà¥à¤¸ बताठजा रहे हैं।
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